अब तोह बस यादें रह गयी है।

कुच अधूरा सा, बोहोत सूना लगता है,जब यादों के पन्ने पलट लिए है हम। जब केहना था बोहोत कुछ,तब शर्म से चुप बैठे थे हम। दिल में प्यार ज़रूर था ,इज़हार करने से डरे थे हम। जब तुम्हारा प्यार पाया तब,उसे खोने से डरे थे हम। जब भी तुमसे लढे है ,दूर होने से डरे थे हम। अब तुम ज़िन्दगी में नहीं हो,प्यार में अब … Continue reading अब तोह बस यादें रह गयी है।